भारतीय जन महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्म चंद्र पोद्दार ने केंद्रीय संचार व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैश्णव के नाम पर एक 7 सूत्री ज्ञापन उनके कार्यालय में जाकर सौंपा

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नई दिल्ली बुधवार को भारतीय जन महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्म चंद्र पोद्दार ने केंद्रीय संचार व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैश्णव के नाम पर एक 7 सूत्री ज्ञापन उनके कार्यालय में जाकर सौंपा ।

1) दिनांक 27 – 11 – 2020 को पूर्वी सिंहभूम झारखंड के जमशेदपुर स्थित साइबर अपराध थाना में एक एफ.आई.आर. भारतीय जन महासभा के द्वारा दर्ज करवाई गई थी ।

यूट्यूब के एक चैनल के द्वारा हिंदू देवी-देवताओं को अश्लील वार्ता करते हुए एवं अश्लील हरकत करते हुए दिखाकर हिंदुओं को नीचा दिखाने का काम किया गया था ।

एफ आई आर करवाने के पश्चात उक्त चैनल को तो बंद करवा दिया गया लेकिन उक्त चैनल को बनाकर यूट्यूब में डालने वाले व्यक्ति की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हो सकी है ।
यह शर्मनाक व निंदनीय है ।

2) संचार व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को दिनांक 13 – 09 – 2021 को भेजे गए पत्र के अनुसार मामले की पूरी छानबीन करने के लिए आग्रह किया गया है ।

इस पत्र के अनुसार जितने भी सोशल साइट्स हैं वे अपने रेजिडेंट ग्रीवेंस ऑफिसर की बहाली तो किए हैं लेकिन भारत की जनता के प्रति अपने आप को जवाबदेह नहीं समझते हैं ।

3) स्टार भारत नामक चैनल में सोमवार एवं शुक्रवार को रात्रि 9:00 बजे से राधा कृष्ण नाम का सीरियल दिखाया जाता है जिसमें राधा रानी को द्वारिका में रहते हुए एवं पारिवारिक कलह की स्थिति को दिखाया जाता है जबकि राधा रानी कभी भी द्वारिका नहीं गई ।
इस प्रकार से गलत इतिहास दिखा कर आने वाली पीढ़ी को भ्रमात्मक संदेश देने का काम किया जा रहा है ।

4) भगवान शिव एवं माता पार्वती के चित्र वाले पेपर को टॉयलेट पेपर के रूप में यूज करने की बात कहने वाली महिला की गिरफ्तारी होनी चाहिए जिससे हिंदू धर्म का कोई भी मजाक नहीं उड़ा सके ।

5) एक पोस्ट ‘मोनिका अग्रवाल इज इन जमशेदपुर’ नाम से व्हाट्सएप में चलाई जा रही है और इसमें खुलेआम सेक्स सर्विस का ऑफर दिया जाता है ।
इस प्रकार से हमारी संस्कृति को नष्ट करने का काम हो रहा है , जिसे रोके जाने की आवश्यकता है ।

6) आजकल स्टैंड अप कॉमेडियंस हिंदू धर्म का मजाक उड़ाते हैं । यह बहुत गलत हो रहा है । इस पर प्रतिबंध लगना चाहिए ।

7) हिंदू देवी-देवताओं को ब्राह्मण जाति का बताकर उन पर रेप जैसे घिनौने आरोप लगाकर प्रसारित करने का काम बिहार का DNM News कर रहा है जिसे तत्काल बंद किए जाने की आवश्यकता है ।

ज्ञापन के अंत में यह कहा गया है कि भारतीय जन महासभा संचार व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री जी से निवेदन करती है कि ऐसे उपाय किए जाएं कि विभिन्न सोशल साइट्स से जैसे गूगल , फेसबुक , यूट्यूब एवं अन्य कोई भी भारत में किसी भी प्रकार से कोई भी अश्लील वीडियो , चित्र या कहानियां आदि न दिखा सके । गंदगी का प्रचार-प्रसार भी ना कर सके ।
देश हित में उपयुक्त मामलों पर तत्काल कार्यवाही किए जाने की मांग की गयी है ।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि उनके द्वारा की जाने वाली कार्रवाई से भारतीय जन महासभा को भी अवगत करवाया जाए ।

बुधवार को ही श्री पोद्दार के द्वारा केंद्रीय कानून मंत्री श्री किरण रिजूजी जी के कार्यालय में भी एक 3 सूत्री ज्ञापन सौंपा गया ।

ज्ञापन में कहा गया है कि दिनांक 17 – 10 – 2021 को उनके विभाग को ई-मेल पर एक पत्र भेजा गया था और इस मेल किए गए पत्र में जो बातें कही गई थी उन पर कठोर से कठोर दंड देने का प्रावधान कर कानून बनाए जाने की आवश्यकता है ।

1) रेप के मामलों में कानून बड़ा लचीला है । कई रेपिस्ट छूट जा रहे हैं ।
निर्भया कांड का पांचवा दोषी अफरोज जो कि सबसे बड़ा गुनाहगार था , वह बच निकला । यह अत्यंत ही दु:ख का विषय है ।

मांग की गई है कि ऐसे दुष्ट को खोज कर अब भी उसे सजा दी जाए और इसके लिए आवश्यकतानुसार कानून बनाकर या कानून में संशोधन किया जाए और पिछली तिथि से प्रभावी कर मरणो उपरांत ही सही निर्भया को सही मायने में न्याय देने का काम किया जाना चाहिए ।

कहा गया है कि रेप के मामलों में रेपिस्ट के पकड़ में आते ही 1 सप्ताह के अंदर उसे मौत की सजा अवश्य सुनाई जानी चाहिए ।

इस प्रकार का भी कानून में प्रावधान हो कि इस प्रकार का फैसला अगर सप्ताह भर के अंदर कोई जज पारित नहीं कर सकता है तो वैसे जज पर भी दंडात्मक कार्रवाई होनी चाहिए ।

2) उक्त पत्र मे यह भी कहा गया है कि मुंबई हाई कोर्ट का जो फैसला आया था जिसमें पोक्सो कानून के तहत स्किन टू स्किन कांटेक्ट जरूरी वाला फैसला दिया गया था जबकि इस फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगाई हुई है लेकिन पोक्सो कानून को और भी अधिक कड़ाई वाला कानून बनाए जाने की आवश्यकता है ।

3) मुंबई हाईकोर्ट की नागपुर पीठ के द्वारा एक फैसला आया जिसके अनुसार पैंट की जीप खोलना , यौन शोषण नहीं बल्कि यौन उत्पीड़न है ।
मतलब पोक्सो कानून लागू नहीं होता है ।

इस प्रकार से लड़कियों के साथ कोई भी , कहीं भी और कभी भी ऊपर से ही सही काफी छेड़छाड़ कर सकता है और भी बहुत कुछ कर सकता है । ऐसी स्थिति में भुक्तभोगी पीड़ित लड़की या महिला आत्महत्या तक कर सकती है और इसको प्रेरित करने वाला वही शख्स होगा जिसने विभिन्न रूपों में छेड़छाड़ की है । ज्ञापन में कड़े से कड़े कानून को बनाने एवं कानून में संशोधन करने की मांग की गई है । ज्ञापन के अंत में कहा गया है कि हिंदू देवी देवताओं को निशाना बनाकर किसी भी प्रकार से कोई भी अश्लील सामग्री नहीं दिखा सके और रेपिस्ट को तो 1 सप्ताह के भीतर मौत की सजा दी जानी चाहिए। यह भी मांग की गई है कि उनके द्वारा की गई कार्रवाई के बारे में भारतीय जन महासभा को भी सूचित अवश्य किया जाए। यह जानकारी भारतीय जन महासभा के द्वारा जारी की गई एक विज्ञप्ति में दी गई है।

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