ट्रैक्टर रैली, खेत बचाओ यात्रा

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जमशेदपुर /हाता : झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डॉ रामेश्वर उरॉव जी, माननीय मंत्री वित्त, खाद्य आपूर्ति एवं संसदीय कार्य विभाग, कार्यकारी अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, जिला अध्यक्ष बिजय खॉ के आह्वान पर पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमिटी के व्दारा पोटका प्रखण्ड कांग्रेस कमिटी के तत्वावधान में ट्रैक्टर रैली ,खेत बचाओ यात्रा का आयोजन कृषि बिल वापस लेने के लिए आयोजित किया गया।
रैली में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पर्यवेक्षक अमरेन्द्र सिंह एवं जिला अध्यक्ष बिजय खॉ, विशिष्ट अतिथि के रूप में ब्रजेन्द्र तिवारी, संजय सिंह आजाद, सतीश तिर्की, जसाई मार्डी शामिल हुए।
कार्यक्रम का अध्यक्षता पोटका प्रखण्ड अध्यक्ष आनन्द दास ने किया, नेताओं का स्वागत जिला महामंत्री सोमेन मण्डल, सुबोध सिंह सरदार, जबीबुल्ला, जिला सचिव जयराम हॉसदा ने किया।
मुख्य अतिथि ने भगवान बिरसा मुण्डा के प्रतिमा पर नमन कर ट्रैक्टर रैली कर शुभारंभ किया।
मुख्य अतिथि बिजय खॉ ने कहा कि किसानों को बड़े पैमाने पर धोखा दिया गया है। किसानों की आजीविका पर क्रुर हमला किया है। इन तीनों कानूनों से किसानों को नही बल्कि पुंजीपतियों को सीधा लाभ होगा। कानून लाने से पहले किसान संगठनों से किसी प्रकार का राय नही लिया गया। संसद के दोनों सदनों में भारी विरोध के बावजूद भाजपा सरकार ने जबरन कृषि कानून पास कराया। इन काले कानूनों से किसानों को सिर्फ नुकसान ही नुकसान होंगे।
पहले कानून के व्दारा : अनाज भंडारण की सीमा कानून समाप्त कर दी गई है।
दूसरे कानून के व्दारा : सरकारी कृषि मंडियों / बाजार ध्वस्त हो जाएगी।
तीसरे कानून के व्दारा : पुंजीपति/ नीजि निवेशक / कम्पनीयाँ किसानों के साथ अपने शर्तों पर व्यावसायिक समझौते करेंगे। किसान अपने खेत में ही मजदूर बना दिए जाएंगे। समझौते (कन्ट्रेक्ट) में किसी प्रकार का विवाद होने पर किसानों को अफ्सरशाही एवं आदालतों के चक्कर काटने पडेंगे। इससे किसानों का शोषण तथा जमीन हड़प लिए जायेंगे।
जिला पर्यवेक्षक अमरेन्द्र सिंह ने कहा कि पूर्वी सिंहभूम के सभी प्रखण्ड कमिटी के व्दारा कृषि बिल वापस लेने हेतु बड़े पैमाने पर हस्ताक्षर अभियान चलाया है।
मुख्य अतिथि ने कहा कि 1917 में महात्मा गाँधी जी के व्दारा किसान विद्रोह आंदोलन, चंपारण सत्याग्रह, 1918 में महात्मा गाँधी एवं सरदार पटेल के अगुवाई में किसानों पर लगान बढ़ोतरी के विरुद्ध गुजरात में खेड़ा सत्याग्रह, 1928 में सरदार पटेल के अगुवाई में जुल्म एवं लगान वृद्धि के खिलाफ “बारडोली सत्याग्रह” किया, इसी आंदोलन सफल सत्याग्रह आंदोलन के बाद महिलाओं ने बल्लभ भाई पटेल को सरदार की उपाधि प्रदान की।
कृषि को मजबूत करने हेतु पंजाब के भाखडा नांगल डैम, झारखंड के मैथन डैम, ओडिसा के हीराकुंड डैम, उतराखंड में टिहरी डैम, तमिलनाडु में कालानई डैम, कर्नाटक में तुंगभद्रा डैम, उत्तर प्रदेश में रिहंद डैम, मध्य प्रदेश में इंदिरा सागर डैम, गुजरात में सरदार सरोवर डैम, तेलंगाना में नागार्जुन डैम आदि सैकड़ों छोटे बड़े डैम का संरचना को कांग्रेस पार्टी ने धरातल पर उतारा है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में अमल विश्वास प्रभारी पोटका विधान सभा क्षेत्र सोशल मीडिया, उत्पल साहू, रमेश पांडेय, देवसरन सिंह, एस डी सिंह,बबलू झा जिला मीडिया प्रभारी सह उपाध्यक्ष, अपर्णा गुहा, , राजा सिंह, चंदन सिंह, पार्वती शर्मा, अभिजीत सिंह, राहुल गोस्वामी, आशीष ठाकुर, संजय बिरूवा, सपन सरदार, संजय झा संत, भरत सिंह, समीउल्ला, राजू, सविता राय, पांडा, बिक्रम सोय, रवि कुर्ली, अविनाश मुण्डु, अविनाश सिंह, चंदन पांडेय, राजेन्द्र सिंह, गौरव खान, राज किशोर प्रसाद, राजू सिंह सरदार, नजीर अफ्सर खान, रंजीत सिंह मुख्य रूप से शामिल रहे।
ट्रैक्टर रैली हाता से हल्दीपोखर तक भ्रमण किया।
कार्यक्रम का प्रबंधन जिला के तरफ से संजय सिंह आजाद एवं ब्रजेन्द्र तिवारी ने सम्पन्न कराया।

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